प्रेगनेंसी के 9वें महीने में नार्मल डिलीवरी के लिए इन बातों का ध्यान रखें

Share for who you care

इस आधुनिक समय में ज्यादातर महिलाएं कामकाजी होती हैं कुछ महिलाएं घर के कामों के साथ-साथ जॉब भी कर रही होती है या फिर ऐसी महिलाएं जो घर से ही अपना व्यवसाय चला रही होती है या फिर जिन महिलाओं के पास घर पर ही बहुत सारा काम घर का हो जाता है ऐसे में प्रेग्नेंट होने पर ज्यादातर महिलाएं अपना सही से ध्यान नहीं रख पाती है क्योंकि उनकी खुद की लाइफ स्टाइल बहुत ज्यादा दौड़ भाग वाली होती है जिस कारण महिलाएं अपने खानपान और गर्भ में पल रहे शिशु पर ठीक से ध्यान नहीं दे पाती है जिसकी वजह से नार्मल डिलीवरी की संभावना काफी ज्यादा कम हो जाती है और वह शिशु को सिजेरियन डिलीवरी के द्वारा ही जन्म देती हैं। लेकिन हर महिला चाहती है की उसकी डिलीवरी नार्मल हो। तो अगर आप भी सिजेरियन डिलीवरी से बचना चाहती है तो इसके लिए इस लेख में महत्वपूर्ण टिप्स हैं जो आपके बहुत ज्यादा काम की है लेकिन उससे पहले आपको यह जानना बहुत ज्यादा है कि आखिर नॉर्मल डिलीवरी क्यों बेहतर मानी जाती है सिजेरियन डिलीवरी के मुकाबले।

 

नॉर्मल डिलीवरी प्रसव की एक बहुत ही सुरक्षित प्रक्रिया होती है इसमें शिशु का जन्म प्राकृतिक तरीके से महिला की के द्वारा होता है। नॉर्मल डिलीवरी के समय महिला को असहनीय दर्द झेलना पड़ता है लेकिन महिला की आगे की जिंदगी काफी ज्यादा आसान हो जाती है और महिला काफी आराम से और जल्द ही रिकवर हो जाती है। इसके ठीक विपरीत अगर महिला की सिजेरियन डिलीवरी होती है तो ऐसे में महिला को उस समय तो दर्द नहीं होता है लेकिन भविष्य में महिला को बहुत सारी परेशानियों का सामना करना पड़ जाता है 

तो आइए अब जानते हैं कि नॉर्मल डिलीवरी होने के लिए आपको कौन-कौन सी बातें ध्यान में रखनी चाहिए जो कि बहुत ज्यादा जरूरी है

खुश रहना सीखें- जिंदगी में अच्छे और बुरे दिन चलते रहते हैं लेकिन प्रेगनेंसी के दौरान महिलाओं को कोशिश करनी है कि वह इस दौरान खुश रहें चाहे कैसा भी समय हो। अगर अगर आप खुश होंगी तो इससे आपके अच्छे हार्मोन सीक्रेट होते हैं और गर्भ में शिशु भी वैसा ही महसूस करता है जैसा आप महसूस करती हैं। तो इस दौरान खुश रहना बहुत ज्यादा जरूरी है ताकि आप एक स्वस्थ शिशु को नॉर्मल तरीके से जन्म दे सके। 

खानपान- प्रेगनेंसी में अच्छे खान-पान का बहुत ज्यादा महत्व है इससे आपकी नॉर्मल डिलीवरी होने में काफी ज्यादा फायदा आपको मिलता है इस दौरान आपको प्रोटीन, आयरन, फोलिक एसिड, कैल्शियम, विटामिन डी और मिनरल्स और और भी कई महत्वपूर्ण पोषक तत्व की जरूरत पड़ती है जिसकी आपूर्ति आपके अच्छे खान-पान से गर्भ में शिशु को   हो सकती है।  संतुलित और नियमित समय पर खाना खाना महिलाओं के लिए बहुत ज्यादा जरूरी है आप एक बार में अधिक खाना ना खाएं, खाने को अच्छे से चबाएं और तीन की जगह 6 बार प्रतिदिन भोजन करें। 

भरपूर पानी पिए – प्रेगनेंसी के दौरान अगर आप कम मात्रा में पानी पीती है तो आपके शरीर के साथ-साथ आपके गर्भ में शिशु के लिए भी खतरनाक साबित हो सकता है आपका शिशु तरल पदार्थ से भरे एमनियोटिक द्रव में रहता है जिससे उसको ऊर्जा मिलती है ऐसे में अगर आपके शरीर में पानी की कमी हो जाती है तो गर्भ में शिशु को भी कहीं ना कहीं दिक्कत हो सकती है। आपको हमेशा दिन भर में कम से कम 8 -10 गिलास पानी जरूर पीना चाहिए, इससे आपका शरीर हाइड्रेट रहता है और गर्भ में बच्चा सुरक्षित रहता है और नार्मल  डिलीवरी होने के लिए भी काफी ज्यादा अहम है। 

मोटापे से बचें – प्रेगनेंसी के दौरान आपकी शरीर में हार्मोनल बदलाव होते हैं कई बार यह असंतुलित भी हो जाते हैं जिनकी वजह से मोटापा भी एक अहम समस्या इस दौरान बन जाती है अगर आप प्रेगनेंसी के दौरान अधिक मोटापे का शिकार हो जाती हैं तो हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज और दिल संबंधी बीमारियों का खतरा बन जाता है। मोटापा आपके शरीर में और भी अन्य गंभीर बीमारियों को जन्म दे सकता है जिस वजह से आपकी नॉर्मल डिलीवरी होने में भी यह बहुत अधिक बाधा डालता है और ऐसे में नॉर्मल डिलीवरी होने की संभावना काफी हद तक कम हो जाती है। 

सुबह-शाम पैदल सहर– महिला को प्रेगनेंसी के शुरुआती दौर से लेकर अंतिम दौर तक सुबह और शाम पैदल चलना, टहलना बहुत ज्यादा जरूरी होता है ऐसे रोजाना टहलने से गर्भवती महिलाओं में नॉर्मल डिलीवरी होना तय होता है एक गर्भवती महिलाओं को सुबह आधा घंटा और शाम को भी आधा घंटा जरूर टहलना चाहिए.

योग और व्यायाम करें–  प्रेगनेंसी में हार्मोन्स बदलाव के चलते कहीं ना कहीं मानसिक तनाव भी घेरने लगता है ऐसे में अपने मन को शांत करने के लिए, अपने दिल को सुकून देने के  लिए आपको योग जरूर करना चाहिए, इससे आपका तनाव और मन का जो भारीपन होता है दूर होने में काफी ज्यादा आराम मिलता है, ऐसे में आप श्वसन, त्रिकोणासन, ताड़ासन, वीरभद्रासन और मार्जारी आसन कर सकते हैं। इस दौरान हल्का-फुल्का व्यायाम करना भी आपके शरीर को बहुत अधिक लचीला बना देता है आपकी मांसपेशियां ऐसे में मजबूत होने लगती हैं जो कि आपको नॉर्मल डिलीवरी के लिए काफी ज्यादा कारगर होती है. इसके लिए आप डॉक्टर की सलाह पर व्यायाम जरूर करिए। 

तन और मन में तालमेल बनाएं-  ध्यान रखिए आप प्रेग्नेंट है बीमार नहीं ! इसलिए अपने आप को फिट और फ्रेश रखना आपके लिए बहुत ज्यादा जरूरी है क्योंकि यह दोनों चीजें आपको नॉर्मल डिलीवरी होने में भी काफी ज्यादा सहायक होती है। आपकी आधी से ज्यादा परेशानियां तक खत्म हो जाती है जब आपके तन और मन के बीच में तालमेल अच्छा होता है। मान लीजिए आपको कोई शारीरिक परेशानी हो रही है लेकिन आपका मन बिल्कुल ठीक है तो आपको ऐसे में दिक्कत होगी और अगर आपको कोई भी शारीरिक परेशानी नहीं हो रही है लेकिन आपका मन ख़राब हो रहा है यानि तन आपका बिल्कुल ठीक है लेकिन मन ठीक नहीं है तो भी आपको ऐसे में दिक्कत होती है जिससे गर्भ में पल रहे शिशु को भी कहीं ना कहीं दिक्कत होती है। 

तो अगर आप भी प्रेगनेंसी के दौरान इन सभी चीजों का ख्याल रखेंगे तो गारंटी है कि आपकी डिलीवरी नॉर्मल ही होगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *