अबॉर्शन के कितने समय बाद दुबारा प्रेगनेंसी प्लान करें | When to plan pregnancy again after abortion

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किन्हीं भी कारणों से जब महिला का मिसकैरेज हो जाता है चाहे भारी सामान उठाना हो महिला को चोट लगना हो या जरूरी पोषक त्वत्तो की कमी हो, या फिर हो सकता है कि भ्रूण  में कुछ डिफेक्ट्स आ जाए या फिर एक्टोपिक प्रेगनेंसी हो जिसकी वजह से भी महिला को सर्जिकल अबॉर्शन से गुजारना पड़ सकता है  ऐसे में महिला को मिसकैरेज के बाद अबॉर्शन करवाना पड़ता है और ऐसे में ये सवाल भी दम्पति के दिमाग में आने लगता है कि अबॉर्शन के कितने समय बाद महिला पुरुष सम्बन्ध बना सकते है और महिला दोबार कब प्रेगनेंसी के लिए कोशिश कर सकती है। 

कब दोबारा प्रेगनेंसी की सोचें 

डब्ल्यूएचओ की गाइडलाइंस के अनुसार अगर महिला का गर्भपात होता है तो उसे दोबारा प्रेग्नेंट होने के लिए कम से कम डेढ़ साल का यानी कि 18 महीने का इंतजार करना चाहिए, लेकिन कुछ फर्टिलिटी एक्सपर्ट्स बताते हैं कि इस दौरान महिला को कम से कम 6 महीने का इंतजार तो जरूर करना चाहिए।  इस दौरान महिला को शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ होने में कम से कम 3 महीने का समय जरूर लेना चाहिए और यह बात एक स्टडी में भी साबित हो चुकी है। महिला अगर गर्भपात के बाद जल्द ही गर्भधारण करने का प्रयास करती है ऐसे में महिला के दोबारा से मिसकैरेज या फिर कोई और कम्प्लीकेशन होने की संभावनाएं कम रहती है। 

महिलाएं गर्भपात के कितने दिन के बाद संबंध बनायें

आपको बता दो दोस्तों महिला जब तक पूरी तरीके से स्वस्थ नहीं हो जाती है और यह इस बात पर भी निर्भर करता है गर्भवती महिला की मेडिकल कंडीशन कैसी है।  जब तक महिला सामान्य नहीं हो जाती है तो उन्हें समय लेना चाहिए। आमतौर पर सामान्य मामलों में तकरीबन 2 हफ्ते यानी कि 15 दिनों के बाद संबंध बना सकते हैं। 

अबॉर्शन के दौरान महिला की गर्भाशय ग्रीवा खुल जाती है और इसे बंद होने में तकरीबन 10 से 14 दिन का समय लग सकता है या फिर हो सकता है कि 20 दिन भी आपको इसमें लग सकते हैं तो ऐसे मैं आपको इंतजार करना करना चाहिए ऐसे में आपको जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए। कम से कम 20 दिन का समय आपको सम्बन्ध बनाने के लिए देना चाहिए , क्योंकि अगर आप गर्भाशय ग्रीवा खुले होने के दौरान संबंध बनाती है तो इससे आपको इंफेक्शन होने का खतरा काफी ज्यादा हो जाता है। 

कुछ कंडीशन में अबॉर्शन के दौरान महिलाओं के सर्वाइकल टीयर को बंद करने के लिए टांका भी लगाया जाता है और ऐसे में महिला को अबॉर्शन के बाद रिकवर होने में समय  लगता है तो इस दौरान जब तक महिला अच्छी तरीके से रिकवर नहीं हो जाती है उन्हें संबंध नहीं बनाना चाहिए। 

अबॉर्शन के बाद महिलाओं को रक्तस्राव बना रह सकता है और यह रक्त स्राव सामान्य मासिक धर्म के मुकाबले अधिक मात्रा में होता है ऐसे में इंफेक्शन होने का खतरा ज्यादा बना रहता है तो जब तक महिलाओं को रक्त स्राव बंद नहीं होता है महिला अपने नॉर्मल दिनों में नहीं लौट जाती है तब तक महिला को संबंध नहीं बनाना चाहिए। 

अबॉर्शन के बाद महिलाएं शारीरिक और मानसिक दोनों रूप से कहीं ना कहीं प्रभावित हो जाती है ऐसे में उन्हें अधिक आराम, शांति, प्रेम की अधिक आवश्यकता होती है तो इस सक्रीय स्थिति से बाहर निकलने के बाद ही दम्पति को संबंध बनाने के बारे में सोचना चाहिए

महिलाओं में अबॉर्शन के बाद हार्मोनल बदलाव होने पर हो सकता है की संबंध बनाने की इच्छा कम हो तो ऐसी परिस्थिति में महिलाओं को अपने स्वास्थ्य पर अधिक ध्यान देना चाहिए। 

अगर अबॉर्शन के बाद आपकी तबियत में सुधार नहीं आता है या आपको अधिक कमजोरी महसूस हो तो अपने डॉक्टर से जरूर संपर्क करें।

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